बहुत निकले मेरे अरमान फिर भी कम निकले
बहुत निकले मेरे अरमान, फिर भी कम निकले...। इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता में काम कर रहे बंधुओं को अक्सर ये शिकायत रहती है कि उनकी स्टोरी को वो फुटेज या लेंथ नहीं मिली जिसके वे हकदार थे अब उन्हें कौन समझाए कि भाई इस माध्यम की सबसे बड़ी चुनौती तो यही है कि आपको कम-से-कम समय में 'गागर में सागर' भरने की कला आनी चाहिए। वैसे अगर आपकी कहानी बिकने लायक है तो आपको 'राई का पहाड़' बनाने की छूट भी मिल जाती है। आखिर सवाल टीआरपी का है और इसके सामने सारे तर्क फीके पड़ जाते हैं।
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